Home - QUIZ - क्या आज भी जाती के आधार पर सरकारी नौकरियों में आरक्षण रखना उचित है ?

क्या आज भी जाती के आधार पर सरकारी नौकरियों में आरक्षण रखना उचित है ?

Do we still need a reservation or quota system in India? क्या आज भी जाती के आधार पर सरकारी नौकरियों या कॉलेजों में आरक्षण रखना उचित है ? अभी भी भारत में एक बहस का मुद्दा सवाल है।
भारतीय संविधान में उसके लिए कानून है और इस के अनुसार, आरक्षण का प्रावधान वंचित वर्गों को सामान्य लोगों के साथ बराबरी पर लाने के लिए किया गया है। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण, महिलाओं के लिए आरक्षण, शारीरिक रूप से विकलांग के लिए आरक्षण, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण, जैसे कई आरक्षण लागु हैं। हालांकि, आरक्षण प्रणाली एक स्पष्ट भेदभाव करती है, लेकिन यह सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर देने के लिए एक बहुत ही अच्छे उद्देश्य के साथ शुरू किया गया था। लेकिन समय के साथ कुछ लोगों इसका दुरुपयोग शुरू कर दिया है, वहाँ सिर्फ एक कॉलेज या नौकरी में एक सीट पाने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाने के लोगों के कई उदाहरण हैं।
लेकिन हमारा मानना हैं अभी भी भारत में कुछ ऐसे लोग आज भी विकास से वंचित है, उनके लिए आरक्षण अनिर्वाय हैं। सिर्फ भारत सरकार को आरक्षण का दुरूपयोग करने वालो के खिलाफ सख्त कदम उठने होंगे। हम आशा करते है, हम खुद पिछड़े वर्गों को आगे आने में मदद करें और इस कानून दुरुपयोग न खुद करे न दूर को करने दे.

हम आप की रे जानना चाहते है.

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